अलसी के 11 फायदे और उसके गुण – Alsi ke Fayde in Hindi

भारतीय घरों में अलसी का इस्तेमाल कई घरेलू व्यंजनों को बनाने में किया जाता है। घरों में होने वाले असली बहुत ही छोटे-छोटे होते हैं। Alsi ke Fayde इतने सारे गुण होते हैं, जिनका अनुमान भी नही लगाया जा सकता है।

आपको बता दें अलसी के बीज ( flax seeds ) का इस्तेमाल केवल खाद्य पदार्थ के रूप में ही नही होता बल्कि इसका उपयोग रोगों के इलाज भी किया जा सकता है?

इसके अलावा Alsi ke Fayde in Hindi आपके शरीर को स्वस्थ बनाता हैं। इस लेखन के माध्यम से आप अलसी के फायदे, उसका सही तरीके से उपयोग करना, उसके गुण आदि जानकारी को पूरी तरह से हम आज जानेंगे।

अलसी क्या है और अन्य भाषाओं में उसके नाम

आपलोग अलसी को तीसी के नाम से जानते होंगे। औषधि के रूप इस्तेमाल होने वाला जड़ी-बूटी अलसी के बीजों का रंग-रूप और आकार में अंतर पाया जाता है।

भारत में तीसी के कई रंग मौजूद है, जिसमे सफेद, पीले, लाल, और थोड़े काले रंग के बीज शामिल है।

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कई लोग अलसी के बीज का उपयोग तेल के रूप में करते है और इसका उपयोग कंठ, कफ, सांस, गला, पाचनतंत्र विकार सहित घाव, कुष्ठ आदि रोगों में लाभ मिलता है। आमतौर पर सबसे अच्छी तीसी गर्म प्रदेशों में पाई जाती है।

अलसी का वानस्पतिक नाम लाइनम यूसीटैटीसिमम है, जो कि लाइनेसी कुल की है। दुनिया भर में Alsi ke Fayde in Hindi को कई नामों से जाना जाता है, जो ये हैंः-

Sanskritअतसी, नीलपुष्पी, नीलपुष्पिका, उमा, क्षुमा, मसरीना, पार्वती, क्षौमी
Hindiतीसी, अलसी
Englishलिनसीड (Linseed), फ्लैक्स प्लान्ट (Flax plant), कॉमन फ्लैक्स (Common flax)
Urduअलसी (Alsi)
Oriyaपेसू (Pesu)
Kannadaअगसीबीज (Agasebeej) सेमीअगासे (Semeagase), अलसी (Alashi)
Uttarakhandअलसी (Alsi)
Gujaratiअलसी (Alshi)
Konkaniसोन्नबीअम (Sonnbiam)
Tamilअलिविराई (Alivirai), अलसीविराई (Alshivirai)
Teluguअविसि (Avisi), उल्लुसुलू (Ullusulu), मदनजिन्जालु (Madanginjalu)
Bengaliतिसी (Tisi), मसीना (Masina), असिना (Asina)
Punjabiअलीश (Alish), अलसी (Alasi), अलसी (Atashi)
Nepaliअलसी (Alasi)
Arabicकेट्टन (Kettan), बाजरुलकटन (Bazrulkattan)
Marathiजवस (Javas), अलशी (Alashi)
Malayalamअगासी (Agashi), चार्म (Charm), चेरुकाना (Cherucana), अकासी (Akasi)

अलसी खाने के फायदे : Alsi Ke Fayde in Hindi

Alsi ke Fayde Hindi

हमने यहां पर अलसी खाने के कई फायदे के बारे में विस्तार में जानकारी दी है। जड़ी-बूटी के रूप में इस्तेमाल तीसी के बीज कई समस्याओं से आपके परिवार और आपको बचाता है। इसलिए इसके बारे में आपको अवश्य जाना चाहिए।

नींद ना आने की समस्या में अलसी का प्रयोग :-

आज के समय में नींद ना आना एक बहुत बड़ी समस्या हो गई है। खासकर इस समस्या को आज के नौजवान ज्यादा अनुभव करते हैं। नींद ना आने की समस्या में अलसी का प्रयोग आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। 

आप इस बीमारी से निजात पाने के लिए Alsi ke Fayde in Hindi और एरंड तेल को कांसे की थाली में अच्छे से पीस व बराबर-बराबर मात्रा में मिलाकर, अपनी आखों में काजल के रूप इस्तेमाल करे।

जब भी आप अलसी को काजल की तरह लगाते हो तो आपको एक नींद अच्छी आती है। 

आंखों के रोग में अलसी के फायदे :-

आंखों से संबंधित रोगों और समस्याओं में अलसी का प्रयोग बहुत फायदेमंद होता है। Alsi Ke Fayde in Hindi के गुण आंखों से संबंधित बीमारी, जैसे :- आंखों की लालिमा खत्म होना, आंख आना आदि को ठीक करता है। 

इसके लिए आप पानी में अलसी के बीजों को फूला लें। अब इसी पानी को अपनी आखों में डाले। आखों से संबंधित होने वाली परेशानियों में फायदा होगा। 

दर्द और सूजन में अलसी के इस्तेमाल से लाभ :-

अलसी के फायदे इन हिंदी व तीसी का उपयोग दर्द और सूजन में काफी फायदा पहुंचाता है। इसमें तीसी Ke Fayde in Hindi से बनाई जाने वाली गीली दवा बहुत काम आती है।

इस गीली दवा को बनाना बहुत आसान है। इसे बनाने के लिए आपको सबसे पहले अलसी को अच्छे से कूट लेना है। उसके बाद उसमे 4 भाग उबलते हुए पानी को धीरे-धीरे डालकर अच्छे से मिलाना है। 

ध्यान रहे गीली दवा का मतलब बहुत ज्यादा गाढ़ा नहीं होना चाहिए। इस दावा को आपलोग तेल की तरह चुपड़ कर दर्द और सूजन वाले अंग पर लगाएं। ऐसा करने से सूजन और दर्द दूर होता है।

कान के सूजन को ठीक करे तीसी के फायदे :-

कई लोग अलसी के बीजों का उपयोग कान के सूजन को ठीक करने के लिए करते है। इसके लिए तीसी को प्याज के रस में पकाते हैं। उसके बाद उसे छानकर कानों में 1 से 2 बूंद डालते है। ऐसा करने से कान का सूजन ठीक हो जाता है।

सिर दर्द में अलसी के फायदे :-

यदि आप सिर दर्द से परेशान है तो आप अलसी के बीजों का उपयोग कर इस समस्या से निजात पा सकते है। अलसी का पूरा लाभ लेने के लिए अलसी का सही तरह से प्रयोग करना सिरदर्द को आराम देता है।

इसके लिए तीसी को ठंडे पानी में पीसकर एक लेप तैयार करें और उसे सिर के घावों में, सूजन के कारण होने वाले सिर दर्द या अन्य तरह के सिर दर्द में इस्तेमाल करे, ऐसा करने से सिर दर्द में लाभ मिलेगा।

जुकाम समस्या में अलसी का सेवन :-

यदि आप हमेशा जुकाम से परेशान रहते है तो अलसी का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए आपको अलसी के बीजों को महीन पीसकर धीमी आंच पर तवे पर अच्छी तरह से भून लेंना है।

उसके बाद भुनी गई अलसी को पीस ले और उसमे बराबर मात्रा में मिश्री मिलाय। चलिए अब जानते है कि इसका सेवन कैसे करना है। सबसे पहले आपको 5 ग्राम की मात्रा में गर्म पानी लेना है और उसमें बनाई गई मिश्रण को मिलाना है। 

उसके बाद आपको इसे हर रोज सुबह और शाम सेवन करना है। इससे आपके जुकाम में लाभ होगा।

खांसी और दमा में अलसी के फायदे :-

  • मौसम के बदलाव के कारण हमे हमेशा खांसी और दमे में कई तरह की परेशानिया होती रहती हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए आप अलसी का प्रयोग कर सकते है और उसका पूरा फायदा व लाभ उठा सकते हैं।
  • हम यहां पर खांसी और दमा से संबंधित उपाय बता रहे है। जिसे आप सभी उपयोग कर अस्थमा को कम कर सकते हो।
  • खांसी और दमा रोग में लाभ लेने के लिए अलसी के बीजों ( Alsi ke Fayde ) से एक काढ़ा तैयार करें और उसे सुबह-शाम पीने के आदत डाले। ठंड के दिनों में इसका इस्तेमाल मधु के साथ और गर्मी में मिश्री के साथ सेवन करें। अस्थमा और खांसी में लाभ होगा।
  • यदि आप सुखी खांसी से परेशान है तो 3 ग्राम अलसी का चूर्ण लीजिए और उसे 250 ग्राम पानी में उबाल लें। उसके बाद आपको 1 घंटा उसे छोड़ देना और फिर उसमे चीनी मिलाकर सेवन करना है ऐसा करने से सूखी खांसी तथा अस्थमा में लाभ होता है।
  • इसके अलावा आप 50 मिलीग्राम पानी में 5 ग्राम अलसी के बीजों को डालकर 12 घंटे तक छोड़ दे। और उसके बाद पानी को छानकर सुबह-शाम उसका सेवन करे। ध्यान रहे सुबह भिगोआ हुआ पानी शाम को पीना है और शाम को भिगोया हुआ पानी सुबह को पीना है। इस दौरान आप ऐसा कुछ नहीं खा या पी सकते हो, जो आपके बीमारी को बढ़ाता हैं।

थायराइड में अलसी के फायदे :-

अलसी के फायदे इन हिंदी थायराइड के इलाज में भी देखे गए हैं। इसके लिए आपको एक पेस्ट तैयार करना है। जिसमे अलसी के बीज, जपा के फूल, शमी, सहिजन के बीज, सरसों तथा मूली के बीज होते है। उसे अच्छे से पीसकर गले की गांठों आदि पर लेप की तरह लगाने से थायराइड में लाभ होता है।

घाव सुखाने में अलसी फायदेमंद :-

  • घाव सुखाने के लिए सबसे पहले आप अलसी के चूर्ण को दूध और पानी के साथ मिलाएं। उसके बाद उसमे हल्दी का चूर्ण मिलाकर अच्छे से पका लें।
  • यह एक प्रकार का गाढ़ा है, जो घाव को सुखाने के रूप में औषधि की तरह इस्तेमाल किया जाता है। इस लेप को आप घाव पर गर्म ही लगाए। 
  • इस लेप को घाव पर लगाने से पहले ऊपर से पान का पत्ता रखना है। इस प्रकार आप कुल 7 बार पान का पत्ता बांधेंगे तो आपका घाव पककर फूट जाएगा। ऐसा करने से घाव की जलन, पीड़ा, टीस आदि दूर जायेंगे।
  • इस लेप का आप बड़े-बड़े फोड़े पर भी उपयोग कर सकते है। इसका लाभ तभी होता है, जब आप कई दिनों तक लगातार लेप के साथ पान का पत्ता बांधेंगे। इसके अलावा आप अलसी के बीजों को पानी में पीसकर उसमे जौ का सत्तू तथा खट्टी दही मिलायेगे तो फोड़ा पक जाता है।
  • और कभी-कभी हमे वात रोग के कारण भी फोड़े हो जाते हैं। जिसकी वजह से हमें जलन और दर्द जैसे समस्या होती है। इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए आप तिल और तीसी (alsi ke beej) को अच्छे से भून लें। इसके बाद उसे गाय के दूध में उबाल लें। अब जहां पर आपका घाव है, उसमे लेप के ठंडा होने पर लगाएं इससे पके फोड़े के दर्द को ठीक हो जाते है। 
  • यदि आप घाव को जल्दी पकाना चाहते है, तो आप लोग अलसी और तिल के बीज, सुरा के बीज, कूठ, खट्टा दही, तथा सेंधा नमक को आपस में अच्छे से मिलाकर एक चूर्ण तैयार करे। और इसे अपने घाव पर लेप की तरह बना कर लगाए घाव ठीक हो जाएंगा।

आग से जलने पर तीसी का उपयोग :-

आग से जलने पर उसके घाव को ठीक करने के लिए अलसी का भी उपयोग किया जाता है। इसके लिए आप चूने का निथरा हुआ जल और शुद्ध अलसी का तेल को बराबर-बराबर मात्रा में लेकर अच्छे से मिला ले। यह एक सफेद मलहम होता है, जिसे Carron oil के नाम से भी जाना जाता हैं। रोजाना आपको इसे 1 से 2 बार लेप करना है, अपने घाव पर लाभ मिलेगा।

मूत्र विकार में अलसी फायदेमंद :-

मूत्र विकार में अलसी बहुत अच्छा फायदा देता है। सबसे पहले आप मिट्टी के बर्तन में हल्की आंच पर 250 मिलीग्राम पानी के साथ कुटे हुए 50 ग्राम अलसी और 3 ग्राम मुलेठी को पकाएं। 

इसके बाद जब 50 मिलीग्राम पानी रह जाए तो उसे छानकर 2 ग्राम कलमी शोरा मिलाए। अब इसे आप 2 घंटे के अंतराल में 20-20 मिलीग्राम करके पीजिए। ऐसा करने से पेशाब सबंधित रोग जैसे :- पेशाब में खून आना, पेशाब की जलन, पेशाब करने में दिक्कत, पेशाब में मवाद आना ये सारी दिक्कतें दूर ठीक हो जाती हैं।

इसके अलावा आप 10 से 12 ग्राम अलसी के बीज के चूर्ण में 5 से 6 ग्राम मिश्री मिलाकर 3-3 घंटे के अंतराल पर सेवन करेंगे तो पेशाब संबंधित बीमारी ठीक हो जाती है।

जोड़ों के दर्द में अलसी फायदेमंद :-

गठिया व जोड़ों के दर्द में जड़ी-बूटी की तरह अलसी बहुत फायदा देता है। जोड़ों के दर्द में लाभ लेने के लिए अलसी तेल या अलसी के बीजों को ईसबगोल के साथ पीसकर जोड़ों पर लगाने से राहत मिलती है। 

इसी तरह यदि आप अलसी के तेल को गर्म करके शुंठी का चूर्ण मिलाकर आप मालिश करेगे तो कमर दर्द तथा गठिया में लाभ होगा।

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