Pet Kam Karne Ka Yoga – 15 योगासन जो पेट की चर्बी कम करता है

हम जानते हैं कि आप मोटापे से परेशान हो। जिससे बाहर आने के लिए आप कई तरीकों और नुस्खे को अपने जीवन शैली में अपना भी रहे हो, लेकिन कुछ खास असर नहीं हो रहा है। इस लेख में हमने Pet Kam Karne Ka Yoga के रूप में 15 योगासनों को शामिल किया है जो पेट की चर्बी को कम करते हैं।

1 पेट कम करने का योगासन ( Yoga To Reduce Stomach in Hindi )

पेट कम करने का योगासन ( Yoga To Reduce Stomach in Hindi )

पेट के बल झुकने में दिक्कत आना और सीढ़ियां चढ़ने में सांस फूलना यह सारी समस्या पेट की चर्बी बढ़ जाने के कारण होती है। हालांकि संतुलित आहार से काफी हद तक पेट कम किया जा सकता है। लेकिन हम आज कुछ ऐसे योगासन के बारे में बतलाएंगे, जो प्राकृतिक तरीके से आपके पेट को सही आकार में ला देगा साथ ही साथ शरीर को एक लचीलापन प्रदान करने में भी मदद करेगा।

इसके अलावा योगा करने से शरीर और मस्तिष्क दोनों स्वस्थ रहते हैं। योगासन जानने से पहले आपको इसके फायदे जानने होंगे कि यह किस प्रकार आपके पेट की चर्बी को कम करने में सहायता करता है।

NCBI ( National center for biotechnology information ) के अनुसार रोजाना योगासन करना मोटापा को कम करने में मदद करता है, इसलिए जरूरी है कि आप रोज अभ्यास करें। Pet Kam Karne Ka Yoga मोटापे के साथ-साथ शरीर में होने वाली बीमारियों और समस्याओं को दूर करने में भी सहायता करता है।

आइए जानते है वो 15 योगासन जो पेट की चर्बी को कम करता है और उन्हें सही तरीके से कैसे करना है?

किसी भी योगा का अभ्यास करने से पहले यह जरूरी है कि आप वार्म अप ( Warm Up ) कर ले। यह एक प्रकार की क्रिया है, जो शरीर को योगा और एक्सरसाइज ( exercise ) करने के लिए तैयार करती है। वार्म अप ( Warm Up ) आपके शरीर को लचीलापन देता है।

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ताड़ासन ( Tadasana )

Tadasana Yoga Pose in Hindi

इस योगा को करने से आपके पूरे शरीर में एक खिंचाव महसूस होता है। जिसके कारण शरीर का रक्त प्रवाह बेहतर हो जाता है। एनसीबीआई ( NCBI ) के द्वारा प्रकाशित एक शोध में बताया गया है की मोटापा कम करने के लिए ताड़ासन ( Tadasana ) को योगासन के रूप में अभ्यास करना एक बेहतरीन शुरुआत हो सकता है।

इसके अलावा Tadasana Yoga का अभ्यास लंबाई बढ़ाने में भी किया जाता है। इस योग के अभ्यास से पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है।

ताड़ासन करने की विधि

  • सबसे पहले आपको सीधा खड़ा होना है और अपने पूरे शरीर को स्थिर रखना है।
  • अब हाथों को सिर के ऊपर ले जाना है और दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसा लेना है।
  • उसके बाद आपको गहरी सांस भरते हुए पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचना है। यह क्रिया करते समय आप की हथेलियां आसमान की दिशा में होनी चाहिए।
  • जब आप ऐसा करेंगे तो आपके निचले पंजे से लेकर ऊपर हाथों तक एक खिंचाव महसूस होगा।
  • कुछ समय उसी अवस्था में रहे और सामान्य व्यक्ति से सांस लेते व छोड़ते रहे।
  • उसके बाद आप धीरे-धीरे उसी स्थिर अवस्था में आ जाए।
  • इस तरह से आपको इस योगा को कम से कम 25 से 50 बार रोजाना करना है।

ताड़ासन के साथ आपलोग तिर्यक ताड़ासन भी कर सकते हैं। इसमें पंजों का सहारा नहीं लिया जाता खड़ा होने के लिए आपको बस अपने हथेलियों को ऊपर करके सांस लेते हुए पहले दाएं और फिर बाय झुकाना है। इस योगा को भी रोजाना 25 से 50 बार करना है। याद रखें इस योगासन को आपको Simple खड़े होकर करना है।

ताड़ासन करने के फायदे

  • शरीर प्राकृतिक आकार में आ जाता है। इसके साथ-साथ आप अपने शरीर में एक लचीलापन भी महसूस करोगे।
  • यह आसन खासकर कम उम्र के लोगों को करना चाहिए। जो कि 6 से 20 वर्ष के बीच में है। इसको करने से उनके कद में बदलाव होता है। ताड़ासन कद बढ़ाने में मदद करता है।
  • पीठ दर्द को भी दूर करने के लिए इस योगा का अभ्यास लोग करते हैं। साथ ही यह पैरों, मांसपेशियों व घुटने में होने वाले दर्द से भी छुटकारा दिलाता है।
  • एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी लोग इस योगासन का उपयोग भली-भांति करते हैं।

ताड़ासन करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • जो लोग रक्तचाप जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं। उन्हें यह योगा नहीं करना है।
  • जो महिलाएं गर्भवती हैं। उन्हें भी इस आसन से परहेज करना है।
  • हालांकि यह आसन घुटनों के दर्द को कम करता है। लेकिन अगर घुटनों में तेज दर्द हो तो इस योगासन को आपको नहीं करना है। इसे करने से दर्द और तेज हो जाएगा।
  • जो लोग इस योगा को पहली बार करने जा रहे हैं तो उन्हें पंजों के बल खड़े होकर आसन नहीं करना चाहिए। अगर करते हैं तो आपके पंजों में मोच आ सकती है।
  • जो लोग हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। वह भी इस आसन को न करें। साथ ही साथ जिन लोगों के पैरों की नसों में हमेशा सूजन रहता है और चक्कर आता है। उन्हें भी इस योगा को नहीं करना चाहिए।

सूर्य नमस्कार ( Surya Namaskar )

Surya Namaskar Yoga in Hindi

इस आसन के उपयोग से मानव शरीर हमेशा चुस्त व तंदुरुस्त रहता है। इससे बेहतर योग और कोई नहीं हो सकता क्योंकि इसे करते समय शरीर के सभी अंग एक साथ काम करते हैं। 15 योगासन जो पेट की चर्बी को कम करता है , उसमे ये सबसे श्रेष्ठ है।

एक शोध में पता चला है कि सूर्य नमस्कार का रोजाना अभ्यास करने से पेट की चर्बी कम हो सकती है और जिन लोगों को मोटापा नहीं है उनका वजन संतुलित रहता है। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि सूर्य नमस्कार पेट कम करने में सहायक है।

सूर्य नमस्कार करने की विधि 

  • प्रणाम आसन :- सबसे पहले आपको सीधा खड़ा होना है। उसके बाद हथेलियों को छाती के पास लाकर नमस्कार की मुद्रा में रखना है।
  • हस्तउत्तानासन :- अब आपको सांस लेते हुए हथेलियों को ऊपर उठाते हुए पीछे झुकना है। एक बात का ख्याल रखें कि आपकी हथेलियां कान को छू रही हों।
  • पादहस्तासन :- इसके बाद आपको सांस छोड़ते हुए पेट के बल झुकना है और हथेलियों को जमीन पर सटाना है। इसमें आपका पैर सीधा होना चाहिए। इस बात का ध्यान रहे कि आपका पैर मुड़ा हुआ न हो क्योंकि जब आप यह करेंगे तो आपका सर घुटने से स्पर्श होगा। यह आसन करने का सही तरीका है।
  • अश्व संचालनासन :- इस क्रिया में आपको सांस लेते हुए दाएं पैर के सहारे बैठना है और बाय पैर को पीछे ले जाना है। इस स्थिति में बाया घुटना जमीन पर स्पर्श होना चाहिए।
  • पर्वतासन :- अब आपको सांस छोड़ते हुए दाएं पैर को पीछे ले जाना है। इस मुद्रा में एड़ियां जमीन को स्पर्श करें इस बात का ख्याल रखें। अब शरीर को बीच से उठाएं जिसमें बाजुए सीधी होनी चाहिए।
  • अष्टांगासन :- इसके बाद आपको सांस लेते हुए ही जमीन पर लेट जाना है। इस स्थिति में छाती और घुटने जमीन को स्पर्श कर रही होगी। एक बात का ध्यान रखें इसमें आपका पैर और कुल्हा उठा होना चाहिए।
  • भुजंगासन :- इस अवस्था में आने के लिए आपको कमर से ऊपर के हिस्से नाभि तक उठाना है। इस दौरान हथेलियां जमीन से सटी होनी चाहिए।
  • पर्वतासन :- इसके बाद फिर से आपको सांस छोड़ते हुए शरीर को बीच से उठाना है और एड़ियों को जमीन से स्पर्श कराना है। इस अवस्था में आपकी बाजुएं सीधी होनी चाहिए।
  • अश्व संचालनासन :- फिर आपको सांस लेते हुए बाएं पैर को आगे ले आना है। इसमें आपका दाया पैर सीधा होना चाहिए। ध्यान रहे पीछे की और आपका घुटना जमीन से सटी होनी चाहिए।
  • पादहस्तासन :- इस अवस्था में वापस आने के लिए आपको सांस छोड़ते हुए दाएं पैर को आगे लाना है। जिसमें हथेलियां जमीन व माथा घुटनों से सटे होने चाहिए।
  • हस्तउत्तानासन :- इसमें आपको पीछे झुकने का प्रयास करना है। इस अवस्था में आने के लिए सांस लेते हुए हाथों व शरीर को ऊपर उठाकर करना है।
  • प्रणाम आसन :- अंत में आप सीधे नमस्कार की मुद्रा में आ जाए।

 इस तरह से सूर्य नमस्कार का एक चक्कर पूरा हो जाएगा। इस आसन को रोजाना 25 से 50 बार करें। आपको बहुत लाभ होगा।

सूर्य नमस्कार करने के फायदे

इस आसन से केवल पेट ही कम नहीं होती है। बल्कि इसके अनेक लाभ हैं जो विशेषज्ञों द्वारा बतलाया गया है जैसे कि :-

  • यह शरीर के पाचन तंत्र में सुधार करता है। 
  • इस आसन को करने से मानव शारीरिक व मानसिक तनाव से दूर हो जाता है। 
  • इस योगासन को करने से मानव शरीर सक्रिय हो जाता है। 
  • अगर आपके पास अन्य योगा करने का समय नहीं है। तो केवल सूर्य नमस्कार करने से ही सभी अंगों की कसरत हो जाती है।
  • यह आसन शरीर में होने वाले दर्द से भी आराम दिलाता है।

सूर्य नमस्कार करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • अगर आपके घुटनों में किसी भी प्रकार का दर्द या परेशानी है, तो इस योगासन को ना करें।
  • मासिक धर्म के समय और गर्भावस्था के दौरान इस योगासन से महिलाओं को दूर रहना चाहिए।
  • इस आसन को बच्चे और उच्च रक्तचाप व हृदय रोग से पीड़ित मरीज न करें। यह नुकसान कर सकता है। इस आसन को तभी करें जब विशेषज्ञ इसकी सलाह आपको दे।
  • इस योगासन को करते समय सांसो पर आपको ज्यादा ध्यान देना होगा क्योंकि गलत तरीके से सांस लेने से फायदा होने के जगह नुकसान हो सकता है।

त्रिकोणासन ( Trikonasana )

Trikonasana Yoga in Hindi

त्रिकोणासन का अर्थ है – “तीन कोण वाला मुद्रा”। इसमें आपका शरीर त्रिकोण मुद्रा में आ जाता है इसलिए इसे त्रिकोणासन कहते हैं। Pet Kam Karne Ka Yoga in Hindi पर हुए अध्ययन से पता चला है कि अन्य योगासन के साथ ही त्रिकोणासन का अभ्यास पेट कम करने में सहायक होता है।

इसलिए इसे Pet Kam Karne Ka Yogasan में चुना जा सकता है। यह कमर के किनारे वाली चर्बी को भी कम करता है।

त्रिकोणासन करने की विधि

Part – 1
  • इस योगासन को करने के लिए आपके दोनों पैरों के बीच करीब 2 फुट का फैसला होना चाहिए और दोनों हाथ शरीर के साथ सीधे सटे होने चाहिए।
  • इसके बाद आपको अपनी बाहों को शरीर से दूर कंधे तक फैलाना है और सांस लेते हुए दाएं हथेलियों को ऊपर ले जाना है। इसमें आपको ध्यान रखना है कि हथेली कान को छू रही हो।
  • अब धीरे-धीरे आपको सांस छोड़ते हुए कमर से बाई ओर झुकना है। इस दौरान आपका दाया हाथ कान से सटा होना चाहिए और घुटना सीधा होना चाहिए।
  • जमीन के समानांतर अपने दाएं हाथ को लाने का प्रयास करें। इसके साथ ही आपको बाएं हाथ से बाएं टखने को छूने का प्रयास करना है।
Part – 2
  • अब इसके बाद आपको करीब 10 से 30 सेकंड इसी अवस्था में रहना है और सामान्य गति से सांस लेते रहना है।
  • फिर सांस लेते हुए आपको सामान्य स्थिति में आ जाना है।
  • इसी आसन को आपको दाएं ओर से भी करना है।
  • इस योगासन को आप तीन से चार चक्र करें। आपको लाभ दिखने लगेगा

त्रिकोणासन करने के फायदे

विशेषज्ञों के अनुसार त्रिकोणासन के अन्य लाभ भी हैं जैसे कि :- 

  • इस योगासन में भी ताड़ासन की तरह खींचाव महसूस होता है। जिससे शरीर में एक लचीलापन आ जाता है।
  • शरीर में नई ऊर्जा का संचार व फेफड़ों को स्वस्थ रखने में यह योगासन काफी मददगार साबित हुआ है।
  • Expert की मानें तो यह योगा कमर दर्द और साइटिका जैसे समस्याओं को दूर करता है।
  • साथ ही यह आसन कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए भी बेहतरीन है।
  • इसके अलावा यह योगा मानसिक तनाव को भी कम करता है।

त्रिकोणासन करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • जिन लोगों का रक्तचाप घटते व बढ़ते रहता है। उन लोगों को यह योगासन नहीं करना चाहिए।
  • कमर में तेज दर्द या फिर स्लिप डिस्क की समस्या वाले लोगों को भी इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • सिर चकराने, गर्दन व पीठ में दर्द होने पर भी इस योगासन को ना करें।
  • जिन लोगों को अधिक एसिडिटी है। उनको भी यह योगा नहीं करना चाहिए।
  • इसके अलावा जो लोग साइटिका समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें भी इस त्रिकोणासन को नहीं करना है।

पार्श्वकोणासन ( Parsvakonasana )

Parsvakonasana Yoga in Hindi

इस आसन में शरीर पार्श्व की मुद्रा बनाता है। पार्श्व का मतलब बगल होता है इसलिए इस Pet Kam Karne Ka Yoga in Hindi को पार्श्वकोणासन कहते हैं। जो लोग इसे नियमित रूप से करते हैं उनके शरीर को कई समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। इसके अलावा एक रिसर्च में बताया गया है कि इसके अभ्यास से कूल्हे और जांघ की चर्बी को कम किया जा सकता है।

यह पेट की चर्बी भी कम करता है हालांकि यह पेट को कम करने में कितना कारगर है। इस पर अभी ओर शोध की आवश्यकता है क्योंकि यह योगासन का ज्यादा फायदा जांघ व कूल्हे की चर्बी कम करने में होता है।

पार्श्वकोणासन करने की विधि

  • सबसे पहले आपको सीधा खड़ा होना है। उसके बाद दोनों पैरों के बीच 3 से 4 फुट की दूरी बना ले।
  • अब आपको अपने दाएं पैर को 90 डिग्री के कोण में घुमाना है।
  • फिर आपको एक गहरी सांस भरते हुए बाहों को शरीर से दूर फैलाकर कंधे को सीधा ले जाना है।
  • इसके बाद सांस छोड़ते हुए अपने दाएं घुटने को 90 डिग्री के कोण तक मोड़ना है। ध्यान रहे यह अवस्था को दाएं और झुकते हुए करना है।
  • फिर दाएं हाथ को दाएं पैर के पीछे जमीन पर रखने का प्रयास करे। इसमें ध्यान रखें कि अगर आपका हाथ जमीन को Touch नहीं हो रही है तो उंगलियों से छूने का प्रयास करें।
  • वही आपको सामान्य रूप से सांस लेते हुए दाएं पैर के हाथ को 60 डिग्री में लाना है। फिर हाथों को कान के पास लाने का प्रयास करें और बाएं हाथ की उंगलियों को देखने का प्रयास करें।
  • इसी स्थिति में आपको कुछ सेकंड तक यथासंभव रहना है। और फिर उसके बाद सांस लेते हुए सामान्य मुद्रा में आ जाए।
  • इस आसन को अब आपको बाएं तरफ से भी करना है।

पार्श्वकोणासन करने के फायदे

इस Pet Kam Karne Ka Yoga के कई लाभ हैं जैसे :-

  • यह योगासन शरीर के पाचन तंत्र को बेहतर कर एसिडिटी व कब्ज से राहत दिलाता है।
  • इस योगा से आपके टकने व घुटने मजबूत होते हैं।

पार्श्वकोणासन करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • अगर घुटने और कमर में आपको तेज दर्द होता है तो इसे नहीं करना चाहिए।
  • आप साइटिका से पीड़ित हैं तो इस आसन को प्रशिक्षक की देखरेख में करें।

पादहस्तासन ( Padahastasana )

Uttanasana or Padahastasana Yoga in Hindi

इस आसन में आपको अपने दोनों हाथों को जमीन पर पैरों के साथ सटा कर रखा जाता है। यह दो शब्दों के योग से बना है। पद का अर्थ है – पैर और हंस का अर्थ है – हाथों का योग। जिस कारण से इसको पादहस्तासन कहा जाता है।

NCBI की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में बहुत से योगासन को शामिल किया गया है। जो पेट की चर्बी कम करने में मदद करते हैं। उसमें पादहस्तासन भी है। यह अतिरिक्त पेट की चर्बी कम करने में शरीर की काफी मदद करता है इसलिए इसका आप लोगों को रोजाना अभ्यास करना चाहिए।

पादहस्तासन करने की विधि

  • सबसे पहले आपको अपने पैरों को जोड़ कर सीधा खड़ा हो जाना है।
  • अब आपको सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाना है।
  • फिर आपको सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकना है और दोनों हाथों से पैरों के पास जमीन को छूने का प्रयास करना है।
  • इसे करते समय यह ध्यान रखना है कि आपका माथा घुटने से टच हो रहा हो।
  • जब आप इस अवस्था में होंगे तो सांस को रोक कर रखे। ध्यान रहे कि कमर के नीचे वाला हिस्सा मुड़ा न हो। कुछ समय तक आपको इसी मुद्रा में रहना है और फिर सांस लेते हुए ऊपर उठना है। इसके बाद हाथों को ऊपर ले जाते हुए पीछे झुकने का प्रयास करना है।
  • फिर से आपको सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकना है। यह प्रक्रिया को कम से कम तीन से चार बार करें।

पादहस्तासन करने के फायदे

इस योगा से अन्य लाभ देखे जा सकते हैं जैसे :- 

  • इस आसन को करने से पीठ कुल्हा और जांघ मजबूत होते हैं क्योंकि जब आप इस योगा को करोगे तो एक खिंचाव महसूस होगा।
  • अगर आपका सिर दर्द व अनिद्रा जैसी समस्या है तो इसे करने से आपको राहत मिलेगी इसके अलावा यह मानसिक तनाव को भी कम करता है।
  • इस आसन का अभ्यास लोग अपने पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए करते हैं। जिस कारण शरीर में गैस, एसिडिटी व कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

पादहस्तासन करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • अगर आपके पीठ में किसी प्रकार का दर्द या चोट है तो इस आसन को न करें।
  • यह योगासन करने पर अगर आपके पेट में बहुत दर्द होने लगे तो तुरंत रुक जाएं एवं डॉक्टर से संपर्क करें।
  • जिन लोगों में हृदय संबंधी कोई समस्या, हर्निया व पेट में सूजन जैसा कुछ है तो इस योगासन से दूर रहें।
  • गर्भावस्था में महिलाओं को इस आसन से दूर रहना चाहिए।

अर्धचक्रासन ( Ardha Chandrasana )

Ardha Chandrasana Yoga in Hindi

इस आसन में मानव शरीर की मुद्रा आधे पहिए जैसी नजर आती है। इस Pet Kam Karne Ka Yoga in Hindi को भी खड़े होकर करना पड़ता है। संस्कृत में अर्ध यानी आधा और चक्र यानी पहिए से होता है इसलिए इसे अर्धचक्रासन कहते हैं।

विशेषज्ञों द्वारा एक शोध में बताया गया है कि इसे करने से पेट पर दबाव बनता है और पेट की चर्बी धीरे-धीरे कम होती है इसलिए पेट कम करने के आसन में इसे शामिल कर सकते हैं।

अर्धचक्रासन करने की विधि

  • दोनों पैरों को आपस में सटाकर आपको सीधा खड़ा होना है और हाथों को भी सीधा रखना है।
  • अब कोहनियों को मोड़ते हुए हाथों को कमर के नीचे वाले हिस्से पर रखना है।
  • इस अवस्था में आपको तब तक रहना है जब तक आप रह सकते हो और नियमित रूप से सांस लेते व छोड़ते रहे।
  • इसके बाद आप सामान्य स्थिति में आ जाए।
  • रोजाना आपको इस आसन को एक समय में कम से कम 3 से 4 बार करना है।

अर्धचक्रासन करने के फायदे

पेट की चर्बी कम करने के अलावा इसके अन्य फायदे हैं जो शरीर को काफी लाभ देता है जैसे :-

  • जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है। इस आसन को वह व्यक्ति कर सकता है क्योंकि यह आसन इंसुलिन का स्तर संतुलित करने में मानव शरीर का काफी मदद करता है।
  • यह योगासन पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है जिससे शरीर लचीला बन जाता है। इसके अलावा यह गर्दन के दर्द को भी दूर करता है।
  • जो लोग कमर के दर्द से परेशान हैं और रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाना चाहते हैं वह इस आसन को कर सकते हैं।
  • बहुत से लोग अधिक समय तक बैठकर काम करते हैं। उन्हें यह योगासन रोजाना करना चाहिए यह कमर के दर्द से आराम दिलाता है।

अर्ध चक्रासन करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • इस योग को करते समय इस बात का ख्याल रखें कि पीछे झुकते समय आपको अपने सिर और गर्दन दोनों को झटका नहीं देना है।
  • जिन लोगों को स्लिप डिस्क या फिर साइटिका जैसी समस्या है तो वह इस आसन को विशेषज्ञ की निगरानी में करें।
  • जब आपका यह योगासन खत्म हो जाता है इसके बाद आगे झुकने वाली मुद्रा ना ही करें तो बेहतर होगा।

चक्की चलनासन ( Chakki Chalanasana )

chakki chalanasana Yoga in Hindi

पुराने समय में आपने आटा पीसने वाली चक्की तो जरूर देखी होगी। जिसमें आपको अपने हाथों की मदद से चक्की को चलाना होता था। यह आसन भी उसी तरह किया जाता है।

यह Pet Kam Karne Ka Yoga बहुत आसान है। इसका नियमित अभ्यास पेट की अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मदद करता है। इस बात की पुष्टि विशेषज्ञों द्वारा एक शोध से होती है।

चक्की चलनासन करने की विधि 

  • सबसे पहले आपको योग मैट पर पैरों को आगे की तरफ फैला कर सीधा बैठ जाना है।
  • अब दोनों हथेलियों को कंधे की सीध में आगे ले जाए तथा हाथों की उंगलियों को एक दूसरे में फंसा कर मुट्ठी बना ले।
  • फिर आपको एक लंबी गहरी सांस भरते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को आगे ले जाना है और दाएं से बाएं की ओर घूमते हुए हाथों को सीधा रखना है। एक बात का ध्यान रखें जब आप ऐसा कर रहे हो तो एक गोला बनेगा।
  • इस प्रक्रिया में हाथों के साथ-साथ कमर से ऊपर का शरीर भी दाएं बाएं आगे पीछे होता रहेगा।
  • इस आसन को आप क्लाकवाइज और एंटीक्लाकवाइज 5 से 10 बार करें।
  • इस योगासन को करते समय आपका पैर स्थिर रहना चाहिए तथा कमर से नीचले हिस्से में खिंचाव महसूस का भी आभास होना चाहिए।

चक्की चलनासन करने के फायदे

इस Pet Kam Karne Ka Yoga in Hindi के कुछ अन्य फायदे भी है। जिसे आपको जानना चाहिए। जैसे :-

  • इस आसन के नियमित अभ्यास से महिलाओं को मासिक धर्म में होने वाली कठिनाई व दर्द से राहत मिलता है।
  • इसके अलावा महिलाओं के गर्भाशय की मांसपेशियां ठीक तरह से काम करती है।

चक्की चलनासन करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • इस योगासन को गर्भावस्था के समय नहीं करना चाहिए।
  • जिन लोगों को स्पील डिस्क या फिर उनमें कम रक्तचाप की समस्या है तो भी इसे न करें।
  • अगर आपको माइग्रेन या फिर सिर में दर्द है तो इससे परहेज करें।
  • जो लोग हाल में ही अपनी हर्निया का ऑपरेशन कराए हैं तो यह आसन न करें।

कपालभाति ( Kapalabhati )

Kapalabhati in Hindi

विशेषज्ञों के एक शोध में इस योग आसन का अभ्यास करने वाले लोगों के पेट की मांसपेशियां सही आकार में आ जाती है। साथ ही यह आसन पेट की चर्बी को भी कम करने में मदद करता है। इसलिए इसे Pet Kam Karne Ka Yoga in Hindi में शामिल किया गया है।

कपालभाति करने की विधि

  • सबसे पहले आपको योग मेट पर आंख बंद करके बैठ जाना है।
  • अब आपको नाक से धीरे-धीरे सांस छोड़ना है। ध्यान रखें आपका पेट अंदर की ओर जाना चाहिए।
  • इसके बाद तब तक संभव हो इसे करते रहे इसमें आपका मुंह बंद होना चाहिए।
  • एक बात और इस योगा में आपको सांस छोड़नी है ना कि लेनी है क्योंकि सांस लेने की प्रक्रिया खुद ब खुद होती रहती है।
  • इस तरह से आपको यह आसन रोजाना पांच से 10 राउंड करना है।

कपालभाति के फायदे

पेट की चर्बी कम करने के अलावा अन्य समस्याओं से भी शरीर को फायदा दिलाता है। जैसे कि :-

  • यह पेट की समस्या को दूर करता है। पाचन तंत्र में सुधार और उसे बेहतरीन बनाता है।
  • इस आसन को करने से आपको गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याएं नहीं होती है।
  • इसके रोजाना अभ्यास से आप भविष्य में भी जवान जैसे लगोगे क्योंकि यह आसन चेहरे पर निखार लाता है। जिससे बढ़ती उम्र का असर कम दिखता है।

कपालभाति करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • जो लोग हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी समस्या से जूझ रहे हैं। उन्हें यह योगासन नहीं करना चाहिए।
  • इसके अलावा जो लोग हर्निया, मिर्गी व सांस के मरीज हैं। उन्हें भी कपाल भारती नहीं करना चाहिए।

उत्तानपादासन ( Uttanapadasana )

Uttanapadasana Yoga in Hindi

Pet Kam Karne Ka Yoga में उत्तानपादासन को शामिल किया गया है। क्योंकि एक रिसर्च में जिक्र मिलता है कि अन्य आसनों के साथ इस योगासन का अभ्यास पेट को कम कर सकता है। इसलिए इस आधार पर हम कह सकते हैं कि इससे मोटापा कम करने के आसन के रूप में शामिल किया जा सकता है।

इस योग में पैरों को थोड़ा सा ऊपर उठाया जाता है। इसमें उत्तान का अर्थ है – “ऊपर उठा हुआ” और पाद का अर्थ है – “पैरों से” इसलिए यह उत्तानपादासन कहलाता है।

उत्तानपादासन करने की विधि

  • हाथों को शरीर से सटाकर कमर के बल योग मेंट पर सीधा लेट जाएं।
  • आपके हाथों की दिशा जमीन की ओर होनी चाहिए।
  • अब नाक से लंबी गहरी सांस भरते हुए अपने दोनों पैरों को एक साथ करीब 30 डिग्री के कोण तक ऊपर उठाएं।
  • ध्यान रहे कि यह प्रक्रिया करते समय आपका सिर बिल्कुल न हिले।
  • अपने पैरों को उतना ही उठाना है जिससे कि वह नजर ना आए।
  • इस अवस्था में आपको 30 सेकंड तक रहना है। साथ ही साथ धीरे-धीरे सांस लेते व छोड़ते भी रहना है।
  • इसके बाद आपको सांस छोड़ते हुए पैरों को नीचे लाना है और थोड़ी देर विश्राम करना है।
  • इस योगासन को रोजाना तीन से चार बार कर सकते हैं।

उत्तानपादासन करने के फायदे 

इस Pet Kam Karne Ka Yoga in Hindi के अन्य लाभ भी हैं जैसे :-

  • आपके शरीर में पाचन तंत्र का अच्छी तरह से काम करना
  • इसे करने से आपके पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं क्योंकि इस आसन को करते समय पेट की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है।
  • इस आसन से आप एप्स बना सकते हो जिम जाने की भी जरूरत नहीं होती है। बस आपको इसे नियमित रूप से करते रहना है।
  • इसे करने वाले लोग कब्ज, गैस, एसिडिटी व अपच आदि जैसी समस्याओं से मुक्त रहते हैं।
  • इसे करने वाले लोगों में एक नई ऊर्जा देखोगे साथ ही साथ यह कमर की मांस पेशिया भी मजबूत करता है।

उत्तानपादासन करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • गर्भावस्था के दौरान महिलाएं इस आसन को नहीं कर सकती है।
  • इसके अलावा जो लोग हाल ही में पेट का ऑपरेशन करवाएं हैं वह भी इससे परहेज करें।

पवनमुक्तासन ( Pawanmuktasana )

Pawanmuktasana Yoga in Hindi

यह दूसरा आसान है जिसमें आपको लेट कर योग करना पड़ता है। इसको करते समय पेट पर बल लगता है। इसके अलावा पेट में खट्टा हो चुकी हवा बाहर निकलती है। वहीं इस आसन से शरीर का वजन भी नियंत्रित रहता है।

इस बात की पुष्टि इससे जुड़ी एक रिसर्च में हो चुकी है। इसमें पवन यानी वायु और मुक्त यानी हवा का बाहर निकलना है इसलिए इसको पवनमुक्तासन कहते हैं। इसका नियमित अभ्यास पेट के मोटापे को कम करने में मदद करता है।

पवनमुक्तासन करने की विधि

  • हाथों को शरीर से सटाकर योग मेंट पर कमर के बल सीधा लेट जाएं।
  • इसके बाद आपको एक लंबी गहरी सांस लेते हुए पेट को मोड़ना है और दोनों हथेलियों से घुटनों को पकड़ना है तथा उसे छाती तक लाने का प्रयास करना है।
  • फिर आपको सांस छोड़ते हुए सिर को उठाना है और नाक से घुटने को स्पर्श कराने का प्रयास करना है।
  • इसी अवस्था में आपको कुछ सेकंड रहना है फिर सांस छोड़ते हुए पैरों व सिर को जमीन पर लाना है।
  • अब इसी तरह से बाएं पैर से करना है और फिर दोनों पैरों से एक साथ करना है।
  • इस तरह से आपको यह आसन कम से कम पांच 10 बार करना है इसके नियमित अभ्यास करने पर आपको फर्क दिखेगा।

पवनमुक्तासन के अन्य फायदे

यह योग अन्य समस्याओं में भी लाभदायक है जैसे :-

  • इस योग को कब्ज और एसिडिटी की समस्या दूर करने के रूप में शामिल किया जा सकता है।
  • यह आसन मानव शरीर के रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है। साथ ही इस को करने से फेफड़े भी अच्छी तरह से काम करते हैं।

पवनमुक्तासन करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • अगर आपको कमर, घुटनों या गर्दन में किसी भी प्रकार दर्द की समस्या है तो इस आसन को बिल्कुल ना करें।
  • बहुत से लोग भोजन के बाद योग करते हैं जो कि यह गलत तरीका है। पवनमुक्तासन को खासकर भोजन के बाद बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। एक बात आपको जानकर हैरानी होगी कि एक योग ऐसा है जो भोजन के बाद किया जाता है जिसका नाम वज्रासन हैं।

धनुरासन ( Dhanurasana )

Dhanurasana Yoga in Hindi

इस Pet Kam Karne Ka Yoga in Hindi में आपका शरीर एक धनुष जैसा होता है। जहां अन्य योगासन कमर के बल लेटकर किया जाता था। वही यह योगा पेट के बल लेट कर करना पड़ता है जिस कारण से इसको धनुरासन कहते हैं। पेट की चर्बी को अगर आप कम करना चाहते हैं तो इस आसन का नियमित रूप से अभ्यास करें।

इसके अलावा इसके अन्य फायदे हैं जिसमें यह किडनी, लीवर, अग्नाशय और आंतों की कार्यप्रणाली में सुधार करता है।

धनुरासन करने की विधि

  • सबसे पहले आपको योग मैट पर पेट के बल लेट जाना है उसके बाद सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ और हथेलियों से टखनों को पकड़ने की कोशिश करें।
  • अब आप नाक से सांस लेते हुए सिर छाती और जांघों को ऊपर उठाने का प्रयास करें।
  • इसके बाद आप अपने शरीर को सुविधानुसार जितना ऊपर उठा सकते हैं उतना उठाने की कोशिश करें।
  • तब आप अंतिम अवस्था में होगे तो शरीर का पूरा भार पेट के निचले हिस्से पर डालें।
  • इस अवस्था में कुछ देर रहे फिर आपको धीरे-धीरे सांस लेते व छोड़ते रहना है।
  • अंत में आपको एक लंबी गहरी सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाना है।
  • इस आसन को कम से कम 4 से 5 बार करें।

धनुरासन के अन्य फायदे 

रिसर्च के मुताबिक इस Pet Kam Karne Ka Yoga से अन्य लाभ भी होते हैं जैसे :-

  • धनुरासन के अभ्यास से शरीर में इंसुलिन का स्तर संतुलित हो जाता है। साथ ही डायबिटीज की समस्या को दूर करने में भी मदद करता है।
  • जो लोग कमर दर्द और अस्थमा से परेशान हैं उसे यह योगा करना चाहिए। इन दोनों समस्याओं को यह आसन दूर करता है।
  • यह आसन उन लोगों को नहीं करना चाहिए। जिन्हें बार बार नाभि गिरने या फिर कब्ज की शिकायत रहती है।
  • इस आसन को आप थायराइड समस्या के निपटारण के रूप में शामिल कर सकते हैं।

धनुरासन करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • जो लोग कमर दर्द से हमेशा परेशान रहते हैं उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए।
  • अगर हर्निया या फिर पेट में अल्सर की परेशानी है तो इस आसन से परहेज करें।
  • जिन लोगों को साइटिका की शिकायत है उन्हें यह नहीं करना चाहिए।

हलासन ( Halasana )

Halasana Yoga in Hindi

इस पेट कम करने का योगासन के नियमित अभ्यास से आप अपने वजन को काफी हद तक कम कर सकते हो। इस योगासन को हलासन इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें शरीर की मुद्रा हल के समान होती है। इस आसन को करना थोड़ा कठिन हो सकता है इसलिए आप इसके जगह पर अर्ध हलासन कर सकते हो वह भी इसी के समान होता है।

लेकिन इस समय शरीर की मुद्रा हल जैसी पूरी नहीं होती है। यह योगासन पेट की चर्बी कम करने में काफी मददगार साबित हुआ है इसलिए इसका नियमित अभ्यास करें।

हलासन करने की विधि

  • सबसे पहले हाथों को शरीर के साथ सटाकर योग मेंट पर कमर के बल लेट जाए।
  • फिर आपने पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाया और 90 डिग्री के कोण तक लाएं।
  • इसके बाद अब सांस छोड़ते हुए पैरों के साथ-साथ पीठ को भी उठाना है ध्यान रहे इसमें पैरों को पीछे ले जाना है और अंगूठे को जमीन से स्पर्श करने का प्रयास करना है।
  • यह अवस्था बिल्कुल खेत में जोते जाने वाले हल की तरह होती है।
  • जब तक संभव हो आपको उसी अवस्था में रहना है और फिर आपको धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटना है।
  • थोड़ी देर विश्राम करें उसके बाद फिर से आसन को करें।
  • यह आसन को आप रोजाना तीन से चार बार कर सकते हैं।

हलासन करने के फायदे

वैसे तो हर योगासन के अपने फायदे होते हैं उसी प्रकार इसे करने के अन्य लाभ है। जैसे :-

  • जिन लोगों को बाल झड़ने की समस्या है उन्हें यह आसन करना चाहिए। इसके अलावा यह योगासन चेहरे पर निखार लाने में मदद करता है।
  • अगर आप कब्ज और बवासीर जैसी बीमारियों से परेशान हैं तो इस आसन को कर सकते हैं।
  • इसके अलावा जो लोग मधुमेह व थायराइड की समस्या से परेशान हैं वह लोग भी इसे कर सकते हैं।

हलासन करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • रीड की हड्डी और सर्वाइकल जैसी समस्या से परेशान लोग इसे ना करें।
  • जिन लोगों को उच्च रक्तचाप बार बार आने की समस्या है तो इसे ना करें।
  • यह आसन उन लोगों को नहीं करना चाहिए जो हृदय रोग से पीड़ित है।
  • गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को इस आसन को करने से बचना चाहिए।

उत्कटासन ( Utkatasana )

Utkatasana Yoga in Hindi

एक शोध के अनुसार पेट कम करने का योगासन उत्कटासन भी पेट की चर्बी कम करने में मदद करता है। इसको उत्कटासन इसलिए कहते हैं क्योंकि उत्कट यानी विशाल या उग्र से होता है।

इस Pet Kam Karne Ka Yoga in Hindi का नियमित अभ्यास से आपके शरीर में किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं नहीं होती है और शरीर हमेशा स्वस्थ रहता है।

उत्कटासन करने की विधि

  • सबसे पहले योग मेट पर सीधे खड़े हो जाएं और घुटनों से टांगों को मोड़ते हुए कूल्हों को नीचे लाएं। ध्यान रहे आप कुर्सी पर बैठे हो ऐसा प्रतीत होना चाहिए।
  • फिर बिना संतुलन जितना हो सके नीचे जाना है इसमें आपका घुटना पैरों से आगे नहीं निकलना चाहिए।
  • इस अवस्था में आपको कुछ सेकंड रहना है और धीरे-धीरे सांस लेते व छोड़ते रहना है।
  • अब हाथों को जोड़ते हुए सिर के ऊपर ले जाएं इसमें आपका हाथ सीधा होना चाहिए।
  • इसके बाद आप सिर को उठाकर हाथों की उंगलियों को केंद्रित करें। कोशिश करें कि आपकी पीठ सीधी रहे।
  • अब कुल मिलाकर इस मुद्रा को कम से कम 30 से 60 सेकंड तक करें। इस अवस्था में आपको सांस को अंदर व बाहर करते रहना है।
  • आखिर में आप आसन से बाहर निकलने के लिए सांस छोड़ते हुए हाथों और सिर को नीचे लाएं और फिर अपने टांगो को सीधा करके सामान्य स्थिति में आ जाए।

उत्कटासन करने के फायदे

हर योगासनों की तरह ही इस पेट कम करने का योगासन के कई लाभ हैं। जैसे :-

  • यह आपके शरीर के जांघो, रीड की हड्डी और टखनों को मजबूत करने में मदद करता है।
  • यह आसन आपके कंधे और छाती में खिंचाव लाता है।
  • उत्कटासन शारीरिक संतुलन को बढ़ाता है।
  • यह योगा पेट के अंगों और दिल में उत्तेजना पैदा करता है।

उत्कटासन करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • घुटने या फिर टखनों में किसी भी प्रकार का चोट है तो इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • अनिंद्र या सिर दर्द से हमेशा परेशान रहते हैं तो उत्कटासन ना करें।
  • पीठ के निचले हिस्से में किसी भी प्रकार का दर्द या फिर चोट है तो इससे परहेज करें।
  • इस आसन को करते समय अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक जोर न लगाएं।

पश्चिमोत्तानासन ( Paschimottanasana )

Paschimottanasana Yoga in Hindi

यह बैठकर किए जाने वाला आसन है। इसे करते समय पेट में खिंचाव उत्पन्न होता है इसलिए इसे पश्चिमोत्तानासन कहते हैं। जो लोग इस आसन को बचपन से नियमित रूप से करते आ रहे हैं उनके बुढ़ापे में कभी भी रीड की हड्डी नहीं झुकती है।

यह आसान खासकर महिलाओं को करना चाहिए क्योंकि यह बहुत लाभ पहुंचाता है। यह गर्भाशय एवं मासिक धर्म संबंधी समस्याओं से राहत दिलाता है।

यह Pet Kam Karne Ka Yoga in Hindi लोगों में अनिद्रा जैसी समस्याओं से भी निजात दिलाता है। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इस आसन से आप वजन कम कर सकते हैं। यह पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाता है।

पश्चिमोत्तानासन करने की विधि

  • सबसे पहले योग मेट ले और उस पर दोनों पैरों को फैला कर बैठ जाए। ध्यान रहे पैरों की उंगलियों को चिपका कर रखना है।
  • फिर आपको गहरी सांस लेते हुए अपनी बाहों को ऊपर उठाना है।
  • जहां तक संभव हो अपने शरीर को आगे की ओर झुका है और पैरों की उंगलियों को पकड़कर रखने का प्रयास करें।
  • कोशिश करें कि शरीर जितना हो सके उतना झुके ताकि सिर घुटने को छू सके।
  • अगर आप ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो अपनी क्षमता अनुसार इस आसन को करें।

 पश्चिमोत्तानासन करने के फायदे

 इसके अन्य लाभ हैं जिसको जानना बेहद जरूरी है :-

  • जो लोग इस आसन को नियमित रूप से करते हैं उनका मन हमेशा शांत रहता है एवं तनाव से भी मुक्त रहता है।
  • जिनको पाचन तंत्र से संबंधित समस्याएं हैं उन्हें यह आसन प्रतिदिन करना चाहिए यह बेहद लाभकारी है।
  • उच्च रक्तचाप, अनिद्रा और भाजपा जैसे समस्याओं के लिए इस आसन को उपचार के रूप में उपयोग किया जाता है।

पश्चिमोत्तानासन करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • गर्भवती महिलाओं को यह आसन नहीं करना चाहिए।
  • जिन लोगों को अस्थमा 10 या पीठ में किसी भी प्रकार का दर्द है तो इस आसन को करने से बचें।

शवासन ( Shavasana )

Savasana Yoga in Hindi

Pet Kam Karne Ka Yoga in Hindi सभी आसनों के बाद करना चाहिए क्योंकि इस योगासन को करने से शरीर शांत और स्थिर हो जाता है। इसे करते समय शरीर शव के समान प्रतीत होता है।

यह भले ही आसान लगे लेकिन इसे करना उतना ही मुश्किल है। पेट कम करने का योगासन शरीर में आई थकावट और मांसपेशियों में महसूस खिंचाव को सामान्य करने में मदद करता है।

इसके अलावा पेट की चर्बी कम करने में इस योगासन के फायदे देखे गए हैं। दरअसल विशेषज्ञों के अनुसार इसे करने वाले लोगों के पेट कम हुए हैं इसलिए इसे मोटापा कम करने के आसन के रूप में शामिल किया जा सकता है। हालांकि यह कितना कारगर होगा इसकी जांच अभी भी की जा रही है

शवासन करने की विधि

  • जब आप सभी योगासन कर लेंगे तब योग मेट पर कमर के बल आंख बंद करके लेट जाए।
  • फिर हाथों को शरीर से थोड़ा दूर फैला कर रखें तथा पैरों के बीच 2 फुट की दूरी भी रखें।
  • आपके हाथों की दिशा ऊपर की ओर होनी चाहिए।
  • अब आपको धीरे-धीरे सांस लेते वह छोड़ते रहना है इसमें आपका पूरा ध्यान सांसो की गतिविधियों पर होना चाहिए।
  • कुछ देर आपको इसी अवस्था में रहना है और अपना ध्यान एक-एक करके पैरों से लेकर सिर तक के सभी अंगों पर ले जाएं इससे क्या होगा कि जिस अंग में तनाव है उससे आप मुक्त हो रहे होंगे शरीर को पूरी तरह से आराम करवाना है।
  • इसके बाद जब आपको लगे कि आप तनाव मुक्त हो गए हैं तो बाय और करवट लेकर हाथों के सहारे बैठ जाए और धीरे-धीरे अपनी आंखों को खोलें।

शवासन करने के फायदे

शवासन को आप लोग मेडिटेशन भी कह सकते हैं क्योंकि इसमें आपको सिर्फ लेटकर मन से ध्यान लगाना होता है। इसके अन्य फायदे भी हैं। जैसे :-

  • शवासन को करने से आपका तनाव दूर होता है और मन शांत रहता है।
  • योगासनों को करने के बाद शरीर में जो थकावट और तनाव महसूस होता है उसे यह दूर करने में मदद करता है।
  • जो लोग बेचैनी महसूस करते हैं या फिर अत्यधिक चिंता करते हैं उन्हें यह आसन करना चाहिए।

शवासन करने से पहले सावधानियां जरूरी है

  • वैसे तो सब आसन करने से किसी भी प्रकार की हानि नहीं होती है और इसे कोई भी व्यक्ति कर सकता है लेकिन इसके बेहतर परिणाम के लिए आप इस योगासन को प्रशिक्षक की देखरेख में कर सकते हैं।

नोट :- यहां पर जितने भी Pet Kam Karne Ka Yoga in Hindi आपको बताए गए हैं। उसे किसी प्रशिक्षक योग ट्रेनर की देखरेख में ही करें ताकि इसका लाभ आपके शरीर में जल्दी दिखे।

पेट कम करने का योगा पर विशेषज्ञों की राय

यहां पर हम योग गुरु के द्वारा दिए गए कुछ टिप्स शेयर कर रहे हैं। जो आपके पेट की चर्बी कम करने में मदद करेगा ऊपर दिए पेट कम करने का योगासन के साथ आप इन्हें भी अपना सकते हैं।

  • विशेषज्ञों के अनुसार आपको योग के साथ खानपान में भी ध्यान देना होगा। डाइट में फल, हरी सब्जियां और अनाज को शामिल करें और उन भोजन से बचें जो मोटापा बढ़ाने का कारण बनते हैं। जैसे कि :- जंक फूड और ज्यादा तैलीय खाद्य पदार्थ।
  • पेट को कम करने के उपाय में आप प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को भी आहार में शामिल कर सकते हैं। यह मोटापे और आपके भूख को नियंत्रित करता है।
  • इनमें मछली, फलियां, बींस और अंडे को भी शामिल किया जा सकता है जिसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन होता है।
  • आप पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। मोटापे को नियंत्रित करने के लिए इसका सेवन ना सिर्फ शरीर को हाइड्रेट रखता है बल्कि भूख को भी मारता है।
  • बहुत से लोग रात में खाना खाने के तुरंत बाद सो जाते हैं। यह आदतें मोटापे का कारण बन सकती है इसलिए यह जरूरी है कि आप सोने से कुछ देर पहले खाना या स्नेक्स का सेवन करें। हो सके तो खाना खाने के बाद कुछ देर टहल ले इसे खाना शरीर में पचने योग्य हो जाता है। 

Also Read : 10 एक्सरसाइज जो पेट कम करता है।

Frequently Asked Question

हां जो लोग नियमित रूप से बताए गए सभी योगासन को सही तरीके से करते हैं तो पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है। वहीं इसके अलावा डाइट प्लान और एक्टिव दिनचर्या का भी ख्याल रखें।

हां यह आसन पेट की चर्बी कम करता है। साथ ही पीठ की मांसपेशियों को टोन करने में मदद करता है।

जी नहीं, क्योंकि योगासन करने के अलावा आपको अपने दिनचर्या और खानपान पर भी पूरा ध्यान देना होगा। हालांकि योगासन का नियमित रूप से अभ्यास करने पर पेट की चर्बी धीरे-धीरे कम होती है।

लोगों की गलतफहमी है कि कम खाने से पेट कम होता है ऐसा बिल्कुल ना करें। आपको दिन भर में 3 बार बैलेंस डाइट लेना चाहिए। अपने खाने की प्लेट में सब्जियां, अनाज, प्रोटीन, दूध और दही को शामिल करें और जितना हो सके हेल्दी खाएं।

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